नई दिल्ली में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात कर राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में मेघालय की प्रशासनिक ज़रूरतों और सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने के उपायों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। संगमा ने राज्य में बाहरी लोगों के प्रवेश पर नियंत्रण के लिए इनर लाइन परमिट (ILP) लागू करने की मांग दोहराई। गौरतलब है कि इस प्रस्ताव को पहले ही मेघालय विधानसभा का समर्थन मिल चुका है।
बैठक में संगमा ने मेघालय के लिए अलग प्रशासनिक कैडर की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। फिलहाल मेघालय असम के साथ संयुक्त कैडर का हिस्सा है, जिससे प्रशासनिक चुनौतियां बढ़ती रही हैं। सीएम ने कहा कि अलग कैडर बनने से राज्य की ज़रूरतों के हिसाब से प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक मज़बूती और गति मिलेगी। इसके साथ ही संविधान की 8वीं अनुसूची में खासी और गारो भाषाओं को शामिल करने पर भी चर्चा हुई, ताकि आदिवासी पहचान और भाषाई धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल सके।
इस पूरी बैठक को राज्य के भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है। संगमा ने साफ किया कि इन कदमों का मक़सद केवल विकास ही नहीं, बल्कि मेघालय की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सुरक्षा को भी सुनिश्चित करना है। अमित शाह और संगमा के बीच हुई इस रचनात्मक बातचीत से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में मेघालय की मांगों पर ठोस निर्णय लिए जाएंगे।












