बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत ललपनिया स्थित टीटीपीएस डीएवी स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में मिसाल पेश की है। झुमरा पहाड़ की तलहटी और आसपास के नक्सल प्रभावित गांवों के बच्चों को अब पढ़ाई के लिए लंबी दूरी पैदल तय नहीं करनी पड़ती। विद्यालय प्रबंधन ने अप्रैल 2025 से बच्चों के लिए निःशुल्क बस सेवा शुरू की है, जिसके तहत गय छंदवा और तिलैया पंचायत समेत दूरस्थ इलाकों के बच्चे रोजाना 20 किलोमीटर का सफर तय कर डीएवी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। यह कदम न केवल शिक्षा की राह आसान कर रहा है बल्कि उन इलाकों में आशा की नई रोशनी भी जगा रहा है, जो अब तक आवागमन की समस्या और नक्सल प्रभाव के कारण पिछड़े रह गए थे।
इस पहल की नींव तत्कालीन प्राचार्य आकाश कुमार सिन्हा ने रखी थी, जिन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया कि शिक्षा ही बदलाव की असली कुंजी है। वहीं, वर्तमान प्राचार्य तनम्य बनर्जी ने कहा कि सबसे बड़ी खुशी यह है कि अब सुदूरवर्ती क्षेत्रों के बच्चे भी नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं और पढ़ाई से जुड़ रहे हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि बस सेवा मिलने से बच्चों की जिंदगी बदल रही है—जहां पहले पढ़ाई अधूरी रह जाती थी, वहीं अब उनके सपनों को पंख लग गए हैं।
टीटीपीएस के जीएम सह मुख्य अभियंता एवं प्रबंध निदेशक अनिल कुमार शर्मा ने इस पहल पर गर्व जताया। उन्होंने कहा, “जिन बच्चों ने कभी सोचा भी नहीं था कि वे डीएवी जैसे संस्थान में पढ़ पाएंगे, उन्हें इस योजना से अवसर मिला है। हमारा प्रयास है कि किसी भी बच्चे को दूरी या संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहना पड़े।” टीचर्स डे के मौके पर यह पहल इस बात का सबूत है कि जब समाज और संस्थान मिलकर कदम बढ़ाते हैं, तो शिक्षा हर दरवाजे तक पहुंच सकती है।












