झारखंड का पलामू जिला एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। गुरुवार देर रात मनातू थाना क्षेत्र के केदल इलाके में सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति समिति (TSPC) के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। आधी रात करीब 12.30 बजे शुरू हुई इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला, लेकिन गोलीबारी के दौरान दो बहादुर जवान शहीद हो गए और एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल जवान को तत्काल मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
पलामू के डीआईजी नौशाद आलम ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षा बल लगातार इलाके में सर्च अभियान चला रहे थे, इसी दौरान उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला बोल दिया। हालांकि जवानों ने भी बहादुरी से जवाबी कार्रवाई की। शहीद जवानों की कुर्बानी ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि नक्सलवाद के खिलाफ यह जंग अभी खत्म नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां अब इलाके में सघन अभियान चलाकर उग्रवादियों को खदेड़ने की तैयारी कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, TSPC संगठन लगभग दो दशक पहले भाकपा (माओवादी) से अलग होकर बना था। यह गुट विचारधारा से ज्यादा रंगदारी वसूली, कोयला कारोबार और सरकारी ठेकों से पैसे ऐंठने जैसी गतिविधियों में लिप्त रहा है। छोटे गुट होने के बावजूद यह संगठन पलामू, लातेहार, चतरा और गढ़वा जैसे जिलों में सुरक्षा बलों के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। गुरुवार रात की मुठभेड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य के कई हिस्सों में अभी भी उग्रवाद की जड़ें मौजूद हैं, जिन्हें पूरी तरह खत्म करने के लिए सरकार और सुरक्षाबलों को और कड़े कदम उठाने होंगे।












