सुपौल जिले की पिपरा विधानसभा में आयोजित प्रभात खबर इलेक्शन एक्सप्रेस चौपाल में शुक्रवार को मंच पर ही सियासी गर्माहट देखने को मिली। जदयू विधायक रामबिलास कामत और राजद के पूर्व विधायक यदुवंश कुमार यादव विकास योजनाओं का श्रेय लेने को लेकर आमने-सामने भिड़ गए। बहस इतनी तीखी हो गई कि मंच संचालक और मौजूद अन्य नेताओं को बीच-बचाव करना पड़ा। भाजपा और लोजपा नेताओं ने जहां एनडीए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं विपक्ष ने उन पर “झूठे दावे” करने का आरोप जड़ा।
चौपाल के मंच पर जदयू विधायक रामबिलास कामत ने दावा किया कि 2020 विधानसभा चुनाव के संकल्प पत्र में किए गए सभी वादों को पूरा कर दिखाया गया है। उन्होंने बताया कि पंचायतों को नगर पंचायत में बदला गया, दीनापट्टी को मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली, और औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए 250 एकड़ जमीन का अधिग्रहण शुरू कर दिया गया है। बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को किसानों के खेतों तक पहुंचाया गया। वहीं, पूर्व विधायक यदुवंश कुमार यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि “एनडीए नेताओं की आदत है – काम हमारा और नाम तुम्हारा।” उनका कहना था कि रेल लाइन और मेडिकल कॉलेज जैसी योजनाएं लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में ही स्वीकृत हुई थीं और सत्ता पक्ष जनता को गुमराह कर श्रेय लेने की कोशिश कर रहा है।
इस बहस के बीच लोजपा (रामविलास) के सुनील कुमार पासवान और भाजपा के मनोज सिंह ने एनडीए सरकार की उपलब्धियों का बखान किया। उन्होंने कहा कि “अगर चश्मा ही खराब हो तो विकास नहीं दिखेगा, विपक्ष को आंखों की जांच करानी चाहिए।” नेताओं का दावा था कि बिहार में एनडीए सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। चौपाल में मौजूद जनता ने भी नेताओं के तर्क सुने, और साफ दिखा कि आगामी चुनाव में पिपरा सीट पर विकास का श्रेय और असलियत, दोनों ही मुद्दे सबसे बड़ा चुनावी हथियार बनने जा रहे हैं।












