दिल्ली की बारिश ने इस बार 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अगस्त महीने में अब तक 399.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसने राजधानी का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मूसलाधार बारिश के चलते सड़कें तालाब में बदल गईं, ट्रैफिक जाम ने लोगों को घंटों तक जकड़े रखा और कई इलाकों में दीवार गिरने जैसी घटनाओं से लोग घायल भी हुए। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मानसून सामान्य से ज्यादा सक्रिय रहा है और इसका सीधा असर दिल्लीवासियों पर दिखाई दे रहा है। हालांकि गर्मी और उमस से राहत मिली है, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक की समस्या ने लोगों को बेहाल कर दिया।
बारिश से दिल्ली की प्रमुख सड़कें जाम के जाल में फंस गईं। आईटीओ, धौलाकुआं, बदरपुर, आश्रम मार्ग और मथुरा रोड जैसे इलाकों में वाहन रेंगते रहे। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल बसें और यहां तक कि एम्बुलेंस तक जाम में फंसी रह गईं। सोशल मीडिया पर लोगों ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि चार किलोमीटर की दूरी तय करने में घंटों लग रहे हैं। वहीं, पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में एक पुरानी दीवार गिरने से तीन बच्चे घायल हो गए, गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई। नगर निगम (MCD) को भी जलभराव और पेड़ गिरने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
दिल्ली की बारिश ने राजनीति का पारा भी बढ़ा दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने बीजेपी पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए, कहा कि निकासी की व्यवस्था समय पर नहीं की गई। वहीं बीजेपी का दावा है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की देखरेख में एजेंसियां तुरंत हरकत में आईं और स्थिति पर काबू पाया गया। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने पंप और कर्मचारियों को तैनात कर जल निकासी शुरू की है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।












