जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश और भूस्खलन ने तबाही मचा दी है। रियासी जिले के माहौर इलाके में आए भूस्खलन से कई घर बह गए, जिसमें सात लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं रामबन जिले के राजगढ़ में तीन लोगों की मौत हो गई है और दो अन्य लापता हैं। हादसे में दो मकान और एक स्कूल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। स्थानीय लोग भी प्रशासन के साथ मिलकर मलबा हटाने और फंसे लोगों को निकालने में लगे हुए हैं।
इससे पहले शुक्रवार की रात उत्तर कश्मीर के बांदीपुरा जिले के गुरेज सेक्टर के तुलैल इलाके में बादल फटने की घटना हुई थी। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन अचानक आई मूसलधार बारिश से लोगों में दहशत फैल गई। लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
भारी बारिश और भूस्खलन का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। उत्तर रेलवे ने जम्मू, कटरा और उधमपुर रेलवे स्टेशनों से आने-जाने वाली 46 ट्रेनों को 30 अगस्त तक रद्द करने की घोषणा की है। इससे पहले 29 अगस्त को भी 40 ट्रेनें रद्द की गई थीं। जम्मू में कई जगह रेल लाइनें टूट गई हैं, जिसके कारण कठुआ और उधमपुर के बीच ट्रेनों का संचालन ठप हो गया है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 31 अगस्त को दो दिवसीय दौरे पर जम्मू आ सकते हैं, जहां वे हालात की समीक्षा करेंगे। बता दें कि इस बारिश और बाढ़ की घटनाओं में अब तक 110 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 32 लोग अभी भी लापता हैं।












