बिरनी स्वच्छ जल उपलब्ध कराने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिरनी प्रखंड के नगड़ी में करोड़ों की लागत से बनी पानी टंकी में भारी अनियमितताएँ सामने आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी पर बिना प्लास्टर किए ही रंग-रोगन कर दिया गया, जिससे इसकी मजबूती और टिकाऊपन पर संदेह गहरा गया है। ग्रामीण संजीत कुमार ने कहा, “प्लास्टर किए बिना रंग रोगन करना विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत को उजागर करता है। यह सीधी-सीधी भ्रष्टाचार की मिसाल है।” लोगों का कहना है कि काम सिर्फ कागजों पर पूरा दिखाने के लिए किया गया है जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। करोड़ों की लागत से बने इस प्रोजेक्ट में हुई लापरवाही ने ग्रामीणों का गुस्सा भड़का दिया है। उनका कहना है कि अगर मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जनता के पैसे से बनी यह टंकी बर्बाद नहीं होने दी जाएगी।












