भाद्र शुक्ल चतुर्थी के पावन अवसर पर कबीर ज्ञान मंदिर में सद्गुरु मां ज्ञान का जन्मोत्सव भव्य धूमधाम के साथ मनाया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर अपने आराध्य का पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर रक्तदान महायज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें इस वर्ष सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 721 यूनिट रक्तदान हुआ। खास बात यह रही कि इनमें 270 बहनों ने भी रक्तदान किया, जो समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बना।

रक्तदान के महत्व को बताते हुए सद्गुरु मां ने कहा कि जैसे मेहंदी बांटने वालों के हाथ भी रंग जाते हैं, वैसे ही रक्तदान करने वाला स्वयं भी लाभान्वित होता है। रक्तदान न केवल मानवता की सेवा है बल्कि जीवन का सबसे बड़ा पुण्य है, क्योंकि यह किसी अनजाने की धड़कन को जीवन देता है। इस अवसर पर कई प्रबुद्धजन और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे और “कबीर वाणी में रहस्यमयी अध्यात्म” पुस्तक का विमोचन भी किया गया।













