धनबाद में भू-धंसान और अग्नि प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे परिवारों की सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि झरिया मास्टर प्लान के संशोधित संस्करण को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है और इस योजना पर लगभग 5940 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत प्रभावित परिवारों को न केवल सुरक्षित स्थानों पर बसाया जाएगा, बल्कि उनकी स्थायी आजीविका के साधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए कौशल विकास, रोजगारपरक योजनाएं और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
मंत्री दुबे ने प्रभात खबर से विशेष बातचीत में बताया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए बहुत जल्द एक सीईओ की नियुक्ति होगी। इसके लिए रिक्तियां भी जारी कर दी गई हैं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सकारात्मक वार्ता हो चुकी है। दुबे ने कहा कि भू-धंसान और अग्नि प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए विशेष टीम बनाई जाएगी, जिससे राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच तालमेल से बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
कोयला मंत्री ने यह भी कहा कि एक समय था जब थर्मल पावर प्लांट्स के पास पर्याप्त कोयला उपलब्ध नहीं होता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हालात बदल चुके हैं। अब पावर प्लांट्स में जरूरत से अधिक कोयले का स्टॉक मौजूद है और देश को अधिक बिजली मिल रही है। मंत्री दुबे ने बीसीसीएल, ईसीएल और सीसीएल के प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि टीम वर्क से ही यह संभव हुआ है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस साल भी कोयला श्रमिकों को बेहतर बोनस मिलेगा।












