गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड में अबुआ आवास योजना के तहत गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। मझलाडीह पंचायत की दलित महिला लाभुक मीणा देवी ने पंचायत के मुखिया सत्येंद्र राउत पर 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पहली किस्त मिलने के बाद दूसरी किस्त के भुगतान के लिए मुखिया ने 20 हजार रुपये मांगे, जिसमें से उन्होंने 10 हजार रुपये दिए भी, लेकिन शेष राशि न देने पर उनका भुगतान रोक दिया गया।

आरोप है कि मुखिया ने प्रखंड कार्यालय की मिलीभगत से उनका बैंक खाता मृत घोषित करवा कर बंद करा दिया, जिससे अब न तो उन्हें अबुआ आवास की राशि मिल रही है और न ही ‘मइया समान योजना’ का लाभ। मीणा देवी ने सोमवार को परिवार और बकरियों के साथ बिरनी प्रखंड मुख्यालय गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया |

और साफ कहा कि जब तक खाता चालू नहीं होगा और शेष राशि नहीं मिलेगी, तब तक धरना जारी रहेगा। इस मामले पर भाकपा माले नेता शेखर सुमन ने प्रशासन से दोषी मुखिया और पंचायत सचिव पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं मुखिया सत्येंद्र राउत ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है।












