हंसलपुर (गुजरात), 26 अगस्त – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के हंसलपुर स्थित सुजुकी मोटर प्लांट से मारुति की पहली इलेक्ट्रिक कार ई-विटारा को एक्सपोर्ट के लिए हरी झंडी दिखाई। यह कार पूरी तरह से भारत में बनी है और अब 100 से ज्यादा देशों, जिनमें यूरोप और जापान जैसे बाजार शामिल हैं, को निर्यात की जाएगी। पीएम मोदी ने इसे मेक इन इंडिया का नया अध्याय बताते हुए कहा कि अब विदेशों की सड़कों पर भी “Made in India” लिखी ईवी दौड़ेगी।
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास स्किल्ड वर्कफोर्स और बड़ा डेमोग्राफिक एडवांटेज है, जिससे हर निवेशक को यहां लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, “निवेश का पैसा चाहे डॉलर में आए या पाउंड में, लेकिन गाड़ियों के उत्पादन में भारतीयों का पसीना और मिट्टी की खुशबू होगी।” मोदी ने राज्यों को भी रिफॉर्म और गुड गवर्नेंस की स्पर्धा करने का आह्वान किया और भरोसा जताया कि 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनेगा।
मारुति ई-विटारा को कंपनी ने नए हार्टेक्ट-ई प्लेटफॉर्म पर टोयोटा के साथ मिलकर तैयार किया है। यह SUV 49kWh और 61kWh बैटरी पैक विकल्प में मिलेगी, जिसकी एक बार चार्जिंग पर 500 किमी तक की रेंज होने का दावा है। अनुमानित कीमत बेस मॉडल की 20 लाख रुपए, हाई पावर वर्जन की 25 लाख रुपए, और ऑल व्हील ड्राइव (AWD) वर्जन की 30 लाख रुपए तक हो सकती है। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला MG ZS EV, टाटा कर्व EV, हुंडई क्रेटा EV और महिंद्रा BE 6 जैसी गाड़ियों से होगा।
कार में LED हेडलैंप, 19-इंच ब्लैक व्हील, इलेक्ट्रिक सनरूफ, डुअल-टोन केबिन, 6 एयरबैग स्टैंडर्ड, 360 डिग्री कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इंटीरियर में डुअल स्क्रीन सेटअप, वायरलेस चार्जिंग और वेंटिलेटेड सीटें मिलने की संभावना है। मारुति ने हंसलपुर प्लांट में 21,000 करोड़ रुपए का निवेश किया है, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 7.5 लाख गाड़ियां है। शुरुआती योजना 2026 में 67,000 यूनिट बनाने की थी, लेकिन चीन द्वारा रेयर अर्थ मैग्नेट पर पाबंदी के कारण उत्पादन लक्ष्य प्रभावित हुआ है।












