गिरिडीह जिले में चल रही गृह रक्षक वाहिनी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। तिसरी प्रखंड के अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि अंचलाधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत से अन्य प्रखंडों—गांवा, देवरी और जमुआ—के उम्मीदवारों ने फर्जी जाति और स्थानीय प्रमाण पत्र बनवाकर तिसरी प्रखंड के नाम पर आवेदन कर दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे तिसरी प्रखंड के असली उम्मीदवारों का अधिकार छीना जा रहा है और वे नियुक्ति से वंचित हो जाएंगे।
इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त रामनिवास यादव को आवेदन सौंपकर मामले की जांच की मांग की है। अभ्यर्थियों ने साफ कहा कि फर्जी दस्तावेजों से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का सत्यापन कर उनका आवेदन रद्द किया जाए और प्रमाण पत्र बनाने में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई हो। फिलहाल डीसी कार्यालय ने आवेदन प्राप्त कर लिया है और मामले पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।












