एशिया कप 2025 के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो चुका है और इस बार चयन ने सबका ध्यान खींचा है। 15 सदस्यीय स्क्वॉड में 7 खिलाड़ी लेफ्टहैंडर्स हैं, जो यूएई की धीमी और स्पिन मददगार पिचों पर भारत को रणनीतिक बढ़त देंगे। बीसीसीआई की इस चाल को क्रिकेट विश्लेषक मास्टरस्ट्रोक मान रहे हैं। शुभमन गिल को उपकप्तान बनाया गया है जबकि कप्तानी की जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव के कंधों पर होगी। जसप्रीत बुमराह की फिटनेस के साथ वापसी टीम की गेंदबाजी यूनिट को मजबूती देती है, वहीं श्रेयस अय्यर जैसे बड़े नाम का बाहर होना कुछ फैंस को खल रहा है। बावजूद इसके टीम इंडिया खिताब जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है।
भारत का पहला मुकाबला 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ होगा, इसके बाद 14 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में हाईवोल्टेज भारत-पाकिस्तान मैच खेला जाएगा। ग्रुप स्टेज का अंतिम मैच 19 सितंबर को ओमान के साथ है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत सुपर-4 में आसानी से प्रवेश करेगा, जहां अफगानिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और हांगकांग जैसी टीमें चुनौती पेश करेंगी। लेफ्टहैंडर्स की लंबी फेहरिस्त – अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव – यूएई की पिचों पर गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। इनमें से अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल का खेलना लगभग तय है, क्योंकि दोनों बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में कमाल करते हैं।
भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत इस बार उसकी बैलेंस्ड यूनिट है – जहां एक ओर तेज गेंदबाजी में बुमराह, अर्शदीप और हर्षित राणा हैं, वहीं स्पिन विभाग में कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती जैसे नाम हैं। लेफ्टी बल्लेबाज स्पिनर्स की लय बिगाड़ सकते हैं, जो दुबई की पिच पर सबसे बड़ा हथियार होगा। क्रिकेट फैंस को सबसे ज्यादा इंतजार भारत-पाकिस्तान टकराव का है, जहां यह नई लेफ्टहैंड स्ट्रैटेजी विरोधियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। अगर यह प्लान सफल हुआ तो टीम इंडिया एशिया कप की सबसे मजबूत दावेदार बनकर सामने आएगी।












