दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर उनके सिविल लाइंस स्थित आवास पर जनसुनवाई के दौरान उस समय हमला हो गया जब वे बाढ़ प्रभावित लोगों की शिकायतें सुन रही थीं। गुजरात निवासी आरोपी राजेश सकरिया ने उन पर हमला किया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद राजधानी की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी नेताओं ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी जनता के बीच जाकर संवाद करने में विश्वास रखती है, ऐसे में इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं।
वहीं, विपक्ष ने इस हमले को लेकर सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि यह साफ तौर पर पुलिस सुरक्षा में बड़ी चूक है और गृह मंत्री अमित शाह अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय केवल दूसरी पार्टियों को तोड़ने में व्यस्त हैं। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि हमारे देश में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब भी पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल पर हमला होता था तो बीजेपी इसे हल्के में लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी करती थी, लेकिन अब खुद उनकी ही मुख्यमंत्री इस स्थिति का सामना कर रही हैं।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि लोकतंत्र में मतभेद और विरोध तो स्वीकार्य है, लेकिन हिंसा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली पुलिस इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेगी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ रहेंगी। उधर, बीजेपी सांसद दामोदर अग्रवाल ने भी इसे गंभीर बताते हुए आरोपियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस हमले ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था आखिर कितनी पुख्ता है।












