गिरिडीह के चैताडीह स्थित मातृत्व शिशु इकाई केंद्र में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। मृतका काजल देवी को 12 अगस्त को नॉर्मल डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था और अगले दिन छुट्टी दे दी गई थी। लेकिन सोमवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर जब उसे दोबारा अस्पताल लाया गया, तो परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों और नर्सों ने गंभीरता नहीं दिखाई और समय पर इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।

सूचना मिलते ही सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. प्रदीप बैठा और पचम्बा थाना पुलिस मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। डॉक्टर प्रदीप बैठा का कहना है कि मरीज को जांच के लिए लाया गया था, लेकिन खून की कमी की वजह से मौत हो गई। हालांकि परिजन इसे चिकित्सकीय लापरवाही बता रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है।












