एनडीए ने बिहार चुनाव को लेकर अपनी रणनीति का बिगुल फूंक दिया है। 23 अगस्त से शुरू होने जा रहे इस मेगा अभियान के तहत हर दिन 14 विधानसभाओं में सम्मेलन आयोजित होगा। इसके लिए 14 टीमें बनाई गई हैं जिनका नेतृत्व एनडीए के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के हाथों में होगा। यह कदम महागठबंधन की “वोट अधिकार यात्रा” के जवाब में माना जा रहा है, ताकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही मैदान में आमने-सामने दिखें। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जानकारी दी कि यह अभियान 23 अगस्त से 24 सितंबर तक सात चरणों में पूरा होगा और एक-एक चरण में 42 विधानसभाओं को कवर किया जाएगा।
एनडीए ने साफ किया है कि यह सिर्फ सम्मेलन नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं को ऊर्जा देने और जनता तक एनडीए के लक्ष्य और वादों को पहुंचाने का अभियान है। इस दौरान प्रतिदिन औसतन 14 सम्मेलन होंगे और एक महीने में कुल 18 दिन यह कार्यक्रम चलेगा। हर टीम में सात सदस्य होंगे और टीमों का नेतृत्व संजय झा, अशोक चौधरी, विजय चौधरी, उमेश कुशवाहा, श्रवण कुमार, रामनाथ ठाकुर, रत्नेश सदा, दिलीप जायसवाल, सम्राट चौधरी, शीला मंडल, विजय सिन्हा, मंगल पांडे, नित्यानंद राय, गिरिराज सिंह, राज भूषण निषाद, राधा मोहन सिंह और रवि शंकर प्रसाद जैसे बड़े नेता करेंगे।
जेडीयू कार्यालय में हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेडीयू, बीजेपी, एलजेपी (रामविलास), हम और रालोमो – सभी पांचों घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष एक मंच पर नजर आए। यहां ऐलान किया गया कि एनडीए साझा नारे “2025 में 225, फिर से नीतीश” के साथ जनता के बीच उतरेगा और गांव-गांव, प्रखंड-प्रखंड तक इसे पहुंचाएगा। इस तरह साफ है कि बिहार में सत्ता की जंग का तापमान अब और बढ़ने वाला है।












