गिरिडीह के टाउन हॉल में जमीयत उलमा गिरिडीह की ओर से “याद-ए-मुजाहिदीन-ए-आजादी कॉन्फ्रेंस” का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए कई विद्वान और वक्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विशेष रूप से शेख-उल-इस्लाम के पोते हजरत मौलाना सैयद हसन असजद मदनी और जमीयत उलमा उत्तर प्रदेश के सचिव मौजूद रहे। वहीं झारखंड से जमीयत के महासचिव मुफ़्ती मुहम्मद शहाबुद्दीन क़ासिम, उपाध्यक्ष मौलाना सगीर अहमद सहित कई बुद्धिजीवी, राजनीतिक नेता और जमीयत के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

कांफ्रेंस की अध्यक्षता मौलाना अकरम क़ासमी ने की। इस मौके पर वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के मायनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजादी केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जिम्मेदारी और अमानत है, जिसे हमें संभालकर रखना होगा।













