बिहार की सियासत में इस वक्त सबसे बड़ा मुद्दा बना है कथित वोट चोरी। इसी को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत कर दी है। सासाराम से निकली यह यात्रा पूरे राज्य में 16 दिन तक चलेगी और लगभग 1300 किलोमीटर का सफर तय करेगी। यात्रा का समापन 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में विशाल रैली के साथ होगा। राहुल गांधी ने यात्रा से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा—“चोरी-चोरी, चुपके-चुपके अब और नहीं… जनता जाग गई है।” यह वीडियो फिल्म ‘लापता लेडीज’ की तर्ज पर ‘‘लापता वोट’’ शीर्षक से जारी किया गया।
यात्रा को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह सिर्फ वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान और अस्तित्व की रक्षा की जंग है। उनका आरोप है कि गरीब, आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को योजनाओं और अधिकारों से वंचित करने की एक सोची-समझी साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि जब आज जनता का वोट छिना जा रहा है तो कल उनके अधिकार और योजनाओं का हक भी उनसे छीना जाएगा। इसलिए यह यात्रा सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
कांग्रेस और महागठबंधन का यह कदम बिहार में सियासी तापमान को और बढ़ा रहा है। पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा—“अधिकारियों से गुजारिश है कि किसी एक दल के दबाव में न आएं, आपकी नौकरी लंबी है, लेकिन अगर निष्पक्षता नहीं रखेंगे तो आने वाली पीढ़ियां सवाल उठाएंगी।” अब देखना होगा कि राहुल-तेजस्वी की यह संयुक्त यात्रा बिहार की राजनीति में कितना असर डाल पाती है और जनता किस तरह इस आंदोलन को अपना समर्थन देती है।












