झारखंड की सियासत में फिर से हलचल मच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के भाई अंकित राज के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 3.02 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। ईडी को जांच में यह सबूत मिले कि यह संपत्ति अवैध बालू खनन से कमाए गए धन से खरीदी गई थी। दरअसल, अंबा प्रसाद के परिजनों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में 16 प्राथमिकी दर्ज थीं, जिन्हें आधार मानकर ईडी ने कार्रवाई शुरू की थी।
ईडी की पड़ताल में खुलासा हुआ कि सोनपुर घाट से बालू उठाने का लाइसेंस वर्ष 2019 में ही खत्म हो गया था, बावजूद इसके अंकित राज ने प्लांडू और दामोदर नदी से अवैध खनन कराया और बड़े पैमाने पर रेत की बिक्री की। इस काले धन को वैध बनाने के लिए अंकित राज ने मनी लॉन्ड्रिंग का सहारा लिया और करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली। 18 जुलाई को ईडी ने हजारीबाग के माइनिंग ऑफिस का सर्वे भी किया था, जहां इस अवैध कारोबार की कई परतें सामने आईं। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए 3.02 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है।
गौरतलब है कि अंबा प्रसाद और उनके परिजनों पर रंगदारी, जमीन कब्जा, प्रतिबंधित संगठन चलाने और अवैध खनिज कारोबार जैसे गंभीर आरोप पहले से ही दर्ज हैं। 4 जुलाई 2025 को ईडी ने अंबा प्रसाद, अंकित राज और खनन कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान ईडी ने अंकित राज के चार्टर्ड अकाउंटेंट के यहां से बड़ी मात्रा में नकदी भी जब्त की थी। यह कार्रवाई झारखंड की राजनीति और प्रशासन में अवैध खनन माफिया की गहरी पैठ को उजागर करती है।












