झारखंड की राजनीति को गहरा झटका लगा है। राज्य के शिक्षा मंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन का 15 अगस्त की रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले दिनों बाथरूम में गिरने के बाद उनकी हालत और बिगड़ गई थी। पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उनके निधन की पुष्टि की।
शनिवार सुबह दिल्ली से उनका पार्थिव शरीर विशेष विमान से रांची लाया गया। बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर झामुमो और कांग्रेस के कई नेता मौजूद रहे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को झारखंड विधानसभा परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और नेता श्रद्धांजलि देंगे।
राज्य सरकार ने उनके निधन पर 16 अगस्त को एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान झारखंड की सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। सरकार ने इसे शिक्षा मंत्री के योगदान और सम्मान के प्रति अपनी श्रद्धांजलि माना है।
विधानसभा परिसर में अंतिम दर्शन के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके विधानसभा क्षेत्र घाटशिला ले जाया जाएगा। वहां मऊ भंडार मैदान और झामुमो कार्यालय में रखा जाएगा ताकि आमजन भी अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें। 62 वर्षीय सोरेन के निधन से झामुमो और राज्य की राजनीति को अपूरणीय क्षति पहुँची है।












