झारखंड ने अपने एक सच्चे जननायक और कर्मठ मंत्री को खो दिया है। राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन (62) के निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन तक सभी नेताओं ने गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ‘एक्स’ पर लिखा— “ऐसे छोड़कर नहीं जाना था रामदास दा… अंतिम जोहार दादा…”।
राज्यपाल संतोष गंगवार ने भी संवेदना प्रकट करते हुए लिखा कि रामदास सोरेन का जाना झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा— “झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन जी के आकस्मिक निधन का समाचार सुनकर मैं अत्यंत मर्माहत हूं। मैं शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं, ईश्वर उन्हें इस पीड़ा को सहने की शक्ति दें।”
झारखंड आंदोलन के साथी और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भी दुख जताते हुए कहा कि यह पूरे झारखंड के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने लिखा— “मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें। अंतिम जोहार!”।
वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और गांडेय से विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि रामदास सोरेन का जाना पूरे झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। कल्पना मुर्मू ने मुख्यमंत्री के संदेश को री-ट्वीट करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। झारखंड मुक्ति मोर्चा के इस वरिष्ठ नेता के निधन से राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में शून्य पैदा हो गया है।












