गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड स्थित तिरला मोड़ के क्रिएटिव पब्लिक स्कूल की दीवारें इन दिनों रंग-बिरंगी कलाकृतियों से सजी हुई हैं। यहां सोहराय कला के अनोखे चित्र न केवल दीवारों की सुंदरता बढ़ा रहे हैं, बल्कि झारखंड की कला, संस्कृति, त्योहार और पशु-पक्षी की झलक भी बखूबी पेश कर रहे हैं। स्कूल के छात्र-छात्राओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे अपनी माटी और परंपरा से जुड़े रह सकें।

झारखंड की अस्मिता को संवारने के इस अभियान के पीछे हैं धनबाद के माटी चित्रकार महावीर शामी, जो राज्यभर में घूम-घूमकर दीवारों पर निशुल्क चित्र बना रहे हैं और बच्चों को कला का ज्ञान भी दे रहे हैं। उनका उद्देश्य है—कला के जरिए संस्कृति को जीवित रखना और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ना।












