गिरिडीह के बगोदर प्रखंड परिसर में सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा बाल विवाह रोकथाम पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों ने बाल विवाह के कानूनी प्रावधान, शिकायत प्रक्रिया और इसके सामाजिक-शारीरिक दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की।

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने इसे प्रगतिशील समाज के लिए अभिशाप बताते हुए सभी से मिलकर इस कुरीति को जड़ से मिटाने का आह्वान किया। सरकार की योजनाओं जैसे सावित्री बाई फूले बालिका समृद्धि योजना और छात्रवृत्ति का भी उल्लेख कर लोगों को लाभ उठाने की अपील की गई।

सहायक निदेशक कौशिक अप्पू ने बाल विवाह को “आधुनिक सती प्रथा” करार देते हुए कहा कि यह महिलाओं की चेतना और संभावनाओं को खत्म कर देता है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से आगे आकर इस पितृसत्तात्मक सोच से लड़ने और महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में खड़े होने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में एक मंत्र भी दिया गय आत्मज्ञान के प्रकाश में, अंधे क्रम सब त्याग दो, निराश हो, निर्मम बनो, तापरहित बस युद्ध हो।”












