गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ताज़ा झटके में कंपनी को पूर्व में मिले लगभग 75 करोड़ रुपये के दो बड़े वर्क ऑर्डर कंपनियों ने रद्द कर दिए हैं। रक्षा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी ‘आकांक्षा’ ने लगभग 50 करोड़ का और इसरो ने लगभग 25 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर वापस ले लिया। सूत्रों के अनुसार, इन ऑर्डर्स को रद्द करने के पीछे उत्पादन में हो रही देरी मुख्य कारण है, जिससे कंपनी के भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एचईसी अधिकारियों के मुताबिक, वित्तीय संकट के कारण उत्पादन की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। समय पर ऑर्डर पूरा न होने के चलते कंपनियों की नाराज़गी बढ़ती गई। इस मामले में प्रबंधन स्तर पर कई बार वार्ता भी हुई, लेकिन समाधान नहीं निकला। हालात और बिगड़ने की वजह से पिछले 43 दिनों से चल रहे सप्लाई कर्मियों के आंदोलन ने भी उत्पादन पर गहरा असर डाला है। ऐसे में कंपनी के पास मौजूद करीब 1000 करोड़ के अन्य वर्क ऑर्डर्स पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।
गौरतलब है कि एचईसी देश की बड़ी इंजीनियरिंग कंपनियों में गिनी जाती है, जो सेल, भेल, कोल इंडिया जैसी संस्थाओं के लिए उपकरण बनाती है। लेकिन मौजूदा संकट ने इसकी साख को झटका दिया है। आकांक्षा और इसरो से ऑर्डर रद्द होने के मामले पर कंपनी प्रबंधन ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सवाल यह है कि क्या सरकार और प्रबंधन मिलकर इस महत्वपूर्ण उद्योग को डूबने से बचा पाएंगे, या फिर एचईसी का यह संकट और गहराएगा।












