दिल्ली में सोमवार (11 अगस्त) को उस समय सियासी माहौल गरमा गया, जब बिहार में वोटर लिस्ट में संशोधन और कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ चुनाव आयोग को ज्ञापन देने जा रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, संजय राउत समेत 30 से अधिक INDIA गठबंधन के सांसदों को पुलिस ने संसद मार्ग थाने में हिरासत में ले लिया। इस घटनाक्रम पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर तीखा वार करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री कभी सामने नहीं आते, सरकार की तरफ से सिर्फ कुछ मंत्री दिखावे के लिए बात करते हैं, जबकि राहुल गांधी ने जो मुद्दे उठाए हैं, उसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। अगर वास्तव में चोरी नहीं हुई है, तो सरकार को विपक्ष की बातें सुनकर समाधान निकालना चाहिए, लेकिन लगता है कि इन्हें कुछ छुपाना है।” ठाकरे ने साफ कहा कि BJP वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामलों को दबाना चाहती है।
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि सोमवार को दो बड़े जनआंदोलन हुए — एक महाराष्ट्र में, जहां शिवसेना ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोला और दूसरा दिल्ली में, जहां INDIA गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग से मिलने जा रहे थे। ठाकरे ने सवाल उठाया कि “हमारा आंदोलन इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ है, फिर बीच में सरकार और बीजेपी क्यों आ रही है? इसका मतलब साफ है कि जो चोरी हुई है, उसे छुपाने की कोशिश की जा रही है और चोरों को बचाया जा रहा है।” उन्होंने विधानसभा और लोकसभा चुनाव के वोटर आंकड़ों पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि “लोकसभा नतीजों के बाद सिर्फ 5-6 महीने में वोटर इतनी बड़ी संख्या में कैसे बढ़ गए?” ठाकरे ने प्रधानमंत्री से अपील की कि विपक्ष को दुश्मन नहीं, बल्कि देशहित में साथ लेकर चलें, क्योंकि जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है।g












