झारखंड के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ मंदिर में दर्ज एफआईआर को लेकर गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। दुबे ने कहा कि अगर मुस्लिम मंदिर में पूजा करे तो किसी की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होतीं, लेकिन अगर हम 110 किलोमीटर नंगे पैर कांवर यात्रा कर गंगाजल चढ़ाते हैं तो धार्मिक भावनाएं भड़क जाती हैं और हमारे खिलाफ केस दर्ज कर दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह उनके खिलाफ दर्ज 51वां मामला है और इसमें उनकी पत्नी, बेटा, भाई, पिता और मां तक को घसीटा गया है। उन्होंने कहा कि वह भगोड़े नहीं हैं और जितनी बार केस दर्ज होगा, उतनी बार गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं।
दुबे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बाबा बैद्यनाथ जी के मंदिर में मुस्लिम पूजा करें तो कोई ऐतराज नहीं, लेकिन हिंदू काँवर लेकर जल चढ़ाए तो उन पर वही धाराएं लगती हैं जो कभी अकबरुद्दीन ओवैसी पर लगी थीं। उन्होंने बताया कि एफआईआर को एमपी-एमएलए कोर्ट भेजा गया है और अगर कोर्ट स्वीकार करेगा तो पुलिस सेक्शन 41 का नोटिस देकर गिरफ्तारी कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस एफआईआर के खिलाफ उन्होंने संसद में प्रिविलेज मोशन दाखिल किया है और सोमवार को इस पर सुनवाई होगी, जहां दिल्ली में ही अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।
बीजेपी सांसद ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि वह जब गौ तस्कर पकड़ते हैं, तब भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है। परिवार द्वारा डीआरटी से नीलामी में संपत्ति खरीदने पर चार केस हो जाते हैं। यहां तक कि किसी तीसरे व्यक्ति के आधार पर भी उनके खिलाफ केस दर्ज कर दिया जाता है। बाबा वैद्यनाथ मंदिर मामले में उन्होंने आरोप लगाया कि एक अवैध व्यक्ति के आरोप के आधार पर एफआईआर हुई, जबकि पुलिस और मजिस्ट्रेट दोनों ने शिकायत दर्ज नहीं की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर एसपी साहब या इरफान अंसारी पूजा करें तो कोई आपत्ति नहीं, लेकिन हिंदू काँवर यात्रा करे तो इसे धार्मिक भावना भड़काने का मामला बना दिया जाता है।












