गिरिडीह जिले के जमुआ, देवरी और गांवा प्रखंडों को गृह रक्षक (होमगार्ड) बहाली प्रक्रिया से पूरी तरह वंचित रखे जाने पर स्थानीय युवाओं में भारी आक्रोश है। राज्यभर में 8864 पदों पर हो रही होमगार्ड बहाली में गिरिडीह को 708 पद मिले हैं, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से इन तीन प्रमुख व युवा-बहुल प्रखंडों को एक भी पद नहीं दिया गया। वर्षों से मेहनत कर रहे अभ्यर्थियों ने इसे संविधान में दिए गए समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए इसे न्यायिक असंतुलन करार दिया है।

युवाओं का कहना है कि यह सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि सम्मान और भागीदारी का मुद्दा है। प्रभावित युवाओं ने जिला प्रशासन और सरकार से 10 अगस्त 2025 तक बहाली सूची में सुधार कर इन प्रखंडों को शामिल करने की मांग की है, अन्यथा आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है। मामला अब तेजी से तूल पकड़ रहा है और प्रशासन पर जवाबदेही का दबाव बढ़ रहा है।












