उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने की विनाशकारी घटना के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर सड़कें पूरी तरह वॉशआउट हो चुकी हैं, जिससे राहत पहुंचाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में प्रशासन ने ‘प्लान B’ लागू किया है, जिसके तहत राहत और बचाव दलों को हवाई मार्ग से ग्राउंड जीरो पर पहुंचाया जा रहा है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन को युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। उत्तरकाशी में ही डटे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हालात की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए भटवाड़ी हेलीपैड से SDRF, NDRF और स्वास्थ्य विभाग की टीमें हवाई सेवा के जरिए सीधे धराली पहुंचाई गईं। अब तक 17 से अधिक लोगों को सुरक्षित रूप से हेलिकॉप्टर से निकालकर भटवाड़ी लाया जा चुका है, वहीं 50 से ज्यादा राहतकर्मियों को थराली और हर्षिल भेजा गया है। आज आपदा का तीसरा दिन है और प्रशासन के लिए यह बेहद अहम है क्योंकि अब भी कई लोग फंसे हुए हैं जिन्हें बचाना प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री धामी स्वयं राहत शिविरों और ऑपरेशन साइट का जायजा ले रहे हैं ताकि समय पर सहायता सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री धामी ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि इस समय हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य फंसे हुए हर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से भी पूरा सहयोग मिल रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह लगातार संपर्क में हैं। हालांकि धराली तक सड़क संपर्क अब भी ठप है, जिससे जमीनी मदद नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में हवाई राहत ही एकमात्र रास्ता है। प्रशासन की कोशिश है कि हर एक जीवन को बचाया जाए और गांवों में जल्द से जल्द राहत सामग्री भी पहुंचाई जाए।












