जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल जंगल में आतंकियों के खिलाफ जारी सर्च ऑपरेशन रविवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है। अभी भी इलाके में दो आतंकियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है, जिनमें से एक के घायल होने की भी खबर है। सुरक्षाबलों ने अब तक इस ऑपरेशन में दो आतंकियों को मार गिराया है, जिनमें से एक की पहचान पुलवामा के हारिस नजीर डार के रूप में हुई है। वह C-कैटेगरी का आतंकी था और उसका नाम 26 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद खुफिया एजेंसियों द्वारा जारी 14 स्थानीय आतंकियों की लिस्ट में शामिल था।
ऑपरेशन अखल में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और CRPF मिलकर अभियान चला रहे हैं। आतंकियों की तलाश में हाईटेक सर्विलांस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस मुठभेड़ में शनिवार और रविवार को एक-एक जवान घायल हो गया, जिन्हें इलाज के लिए श्रीनगर के 92 बेस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को 1 अगस्त की रात को आतंकियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद शुक्रवार शाम से जंगल में तलाशी अभियान शुरू किया गया था।
ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई में दो आतंकियों को ढेर कर दिया और अब बाकी दो की तलाश तेज़ कर दी गई है। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। यह इस हफ्ते जम्मू-कश्मीर में हुई तीसरी बड़ी मुठभेड़ है। इससे पहले 28 जुलाई को पहलगाम के लिडवास जंगल में ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत तीन आतंकियों को मार गिराया गया था, जिनमें पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड भी शामिल थे।
खास बात यह है कि 14 आतंकियों की लिस्ट में से अब तक 7 को मार गिराया गया है, जबकि बाकी 7 की तलाश जारी है। मई में शोपियां और पुलवामा में हुए एनकाउंटर में छह आतंकी मारे गए थे। केंद्र सरकार भी इन ऑपरेशनों को लेकर सतर्क है। गृहमंत्री अमित शाह ने ‘ऑपरेशन महादेव’ के बाद कहा था कि पहलगाम हमले के आतंकियों को तीन महीने ट्रैक करने के बाद घेरा गया और सुबूतों के साथ मारा गया। उन्होंने यह भी बताया कि आतंकियों की पहचान पाकिस्तानी वोटर ID और चॉकलेट जैसे क्लू के जरिए की गई थी। आतंकियों की मदद करने वाले दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। ऑपरेशन अखल के अगले चरण में क्या होता है, इस पर देश की नजर बनी हुई है।












