झारखंड सरकार ने गिरिडीह विधायक सुदिव्य सोनू को बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें स्कूली शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है। वे पहले से ही राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री के पद पर कार्यरत हैं, और अब उन्हें स्कूली शिक्षा विभाग की भी जिम्मेदारी दी गई है। यह निर्णय वर्तमान शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण लिया गया है। रामदास सोरेन की गंभीर बीमारी के चलते सरकार को यह अहम फैसला लेना पड़ा, ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो और योजनाएं सुचारु रूप से आगे बढ़ सकें।
सुदिव्य सोनू को इस दोहरी जिम्मेदारी के साथ अब राज्य के स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक की शिक्षा प्रणाली को संभालना होगा। शिक्षा क्षेत्र में सुधार, नई योजनाओं का क्रियान्वयन और छात्रों के भविष्य को बेहतर बनाने की उम्मीद अब उनसे जुड़ गई है। जनता को उनसे काफी उम्मीदें हैं क्योंकि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा को प्राथमिकता दी है और अब राज्य स्तर पर भी उनके नेतृत्व की परीक्षा होगी। देखना यह होगा कि वे इन दोनों विभागों को कितनी कुशलता से संभालते हैं और झारखंड की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने में कितने सफल होते हैं।












