Aba News

बंदोबस्ती की ज़मीन पर कब्जे का आरोप, दलित परिवारों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

गिरिडीह मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बाघमारा गांव में बंदोबस्ती की 12.50 एकड़ ज़मीन को लेकर ज़बरदस्त विवाद खड़ा हो गया है। वर्ष 1986-87 में बिहार सरकार से मिली इस ज़मीन को दबंगों से बचाने के लिए दलित परिवारों ने जिला समाहरणालय के पास अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी भुवनेश्वर तुरी का आरोप है कि उनके पूर्वजों को बंदोबस्ती के तहत यह ज़मीन मिली थी और वे वर्षों से इस पर खेती कर रहे थे, लेकिन हाल के वर्षों में गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों ने जबरन फसल नष्ट कर ज़मीन पर कब्जा कर लिया।

 

विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और फर्जी मुकदमे भी दर्ज कराए गए। चमेली देवी ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक मिलीभगत के चलते मामले को “सिविल विवाद” बता कर टाल दिया जा रहा है। वहीं, दूसरा पक्ष — बंधन वर्मा और उनके सहयोगियों — का दावा है कि वे इस भूमि पर पिछले 50 वर्षों से खेती कर रहे हैं और यह बंदोबस्ती की नहीं, बल्कि उनकी खुद की ज़मीन है। अब दोनों पक्ष जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें