सरकार की महिला सशक्तिकरण की एक अहम पहल, मंईयां सम्मान योजना अब एक वर्ष पूरे करने जा रही है। लेकिन इस रक्षाबंधन से पहले इस योजना से जुड़ी एक बड़ी खबर ने लाभुक महिलाओं के दिलों में उम्मीद की लौ जगा दी है। क्या इस बार जुलाई माह की राशि समय से पहले उनके खातों में पहुंचाई जाएगी? क्या प्रदेश की लाखों महिलाओं को इस त्योहार पर आर्थिक सुरक्षा का तोहफा मिलेगा? आइए जानते हैं इस योजना के विस्तार और आने वाले बदलावों की पूरी कहानी, जिसे लेकर प्रशासन ने क्या तैयारियां की हैं।
मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत अगस्त 2023 में की गई थी। तब से अब तक यह योजना मध्यप्रदेश की लगभग 52 लाख महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है। इस योजना के तहत महिलाओं को मासिक 1000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती थी, जो दिसंबर 2024 से बढ़ाकर 2500 रुपए प्रति माह कर दी गई है। यह राशि 18 से 50 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं को दी जाती है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। सालाना 30,000 रुपए की सहायता इस योजना की सबसे बड़ी ताकत है, जो महिलाओं की जरूरतों को समझते हुए उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
सरकार ने इस बार खास कदम उठाते हुए, रक्षाबंधन से पहले जुलाई माह की राशि वितरण को प्राथमिकता दी है। सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिया है कि वे जुलाई माह की राशि का वितरण जल्द से जल्द पूरा कर लें, ताकि त्योहार के मौके पर महिलाओं के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर हो सके। यह कदम न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि उनके आत्मसम्मान और सामाजिक सुरक्षा की भावना को भी बढ़ावा देगा।
रांची जिले में इस योजना को बड़ी सफलता मिली है, जहां कुल 3,85,751 लाभुकों को 96.43 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि जिन महिलाओं के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए उन्होंने सभी लाभुकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने बैंक खातों को आधार से लिंक कराएं, ताकि वे इस आर्थिक सहायता का लाभ बिना किसी बाधा के उठा सकें। यह आधार लिंकिंग योजना के सफल संचालन के लिए बेहद जरूरी है।
पिछले एक वर्ष में मंईयां सम्मान योजना ने महिलाओं के जीवन में एक स्थायी बदलाव की नींव रखी है। हालांकि, अभी भी कई चुनौतियां हैं, जैसे आधार लिंकिंग की कमी और सही तरीके से राशि वितरण की प्रक्रिया में बाधाएं। लेकिन सरकार और प्रशासन लगातार इन मुद्दों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि हर पात्र महिला तक योजना का लाभ पहुंच सके। आगामी महीनों में योजना का और विस्तार संभव है, जिससे और अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।












