क्या आपने कभी सोचा है, कि अगर राखी समय पर भाई के पास न पहुंचे तो उस धागे की अहमियत कितनी रह जाएगी?
रक्षाबंधन सिर्फ एक त्यौहार नहीं, एक भावना है – एक वचन है, और एक रिश्ता है जो सालों से डाक की डोरी से जुड़ा है। लेकिन जब ये भावनाएं किसी रविवार की छुट्टी से अटक जाएं, तब क्या हो? इस बार ऐसा नहीं होगा!
क्योंकि अब डाक विभाग ने उठाया है एक अनूठा कदम, जिसने हर उस बहन की चिंता दूर कर दी है जो राखी भेजने के लिए समय नहीं निकाल पा रही थी।
सिंहभूम मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह के निर्देश पर अब 4 अगस्त, रविवार को भी डाक विभाग अपनी सेवा बहनों के नाम कर रहा है।
जमशेदपुर और चाईबासा के प्रधान डाकघर उस दिन विशेष रूप से राखी बुकिंग और डिलीवरी के लिए खुले रहेंगे। ये कोई साधारण घोषणा नहीं है, बल्कि उस परंपरा को सम्मान देने का प्रयास है, जिसमें हर बहन अपने भाई की कलाई पर समय पर राखी बांधने की ख्वाहिश रखती है।
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में कई बहनों को पूरे हफ्ते वक्त नहीं मिलता। उनके लिए यह पहल किसी त्यौहार से कम नहीं।
अब रविवार को भी राखी भेजना संभव होगा, जिससे हर बहन की भावनाएं समय पर उनके भाई तक पहुंच सकेंगी।
डाकघर में विशेष काउंटर बनाए गए हैं, ताकि भीड़भाड़ में किसी को दिक्कत न हो। इस सेवा के तहत सिर्फ राखी ही नहीं, बल्कि उन भावनाओं की सुरक्षित और सम्मानजनक डिलीवरी की जाएगी जो कलाई की उस डोर से बंधी होती हैं।
डाक विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि हर डाकघर को विशेष निर्देश दिए जाएं। बिष्टुपुर स्थित प्रधान डाकघर में राखी बुकिंग के लिए अलग से काउंटर बनाए गए हैं, जिससे ग्राहकों को कोई परेशानी न हो।
यह कदम केवल सेवा नहीं, बल्कि उस सामाजिक ज़िम्मेदारी का हिस्सा है, जिसे डाक विभाग हर साल निभाता आया है – और इस बार और भी अधिक संवेदनशीलता और समर्पण के साथ निभा रहा है।












