गुरुवार को संसद के मानसून सत्र का नौवां दिन हंगामेदार रहा। विपक्ष ने दो बड़े मुद्दों—अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ लगाए जाने की घोषणा और बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया—को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि जब वे दुनिया भर में दोस्ती करने जाते हैं, तो देश को बदले में केवल नुकसान क्यों मिलता है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को ऐलान किया कि 1 अगस्त से भारत से आने वाले कुछ उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा। इस फैसले के तुरंत बाद भारतीय राजनीति में हलचल मच गई। प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी हर जगह जाते हैं, लोगों से दोस्ती करते हैं, लेकिन बदले में भारत को क्या मिलता है? यह सवाल हर नागरिक को पूछना चाहिए।” उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
वहीं बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को लेकर भी विपक्ष आक्रामक नजर आया। विपक्ष के सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर SIR प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसका इस्तेमाल विशेष समुदायों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस, राजद और अन्य INDIA गठबंधन दलों के सांसदों ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की।
इन दोनों मुद्दों को लेकर गुरुवार सुबह विपक्षी दलों की राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) कार्यालय में बैठक भी हुई। INDIA ब्लॉक के नेताओं ने मिलकर आगे की रणनीति तय की और सरकार को सदन में घेरने की योजना बनाई। सत्र के दौरान लगातार हो रहे हंगामों से यह साफ है कि आने वाले दिनों में संसद का माहौल और अधिक गर्म हो सकता है। अब देखना यह है कि सरकार इन गंभीर सवालों के जवाब कैसे देती है या उन्हें टालती है।












