Aba News

राहुल गांधी का तीखा हमला – “इंडियन इकोनॉमी को मोदी ने मारा, ट्रम्प ने सच कहा”; 25% टैरिफ पर विपक्ष का हल्ला बोल

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत की अर्थव्यवस्था को “डेड इकोनॉमी” कहे जाने के बयान के बाद देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस बयान को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “मुझे खुशी है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने सच कहा। भारत की अर्थव्यवस्था मर चुकी है, और इसे मोदी ने मारा है। ये बात अब पीएम और वित्त मंत्री को छोड़कर देश और दुनिया को पता चल चुकी है।”

राहुल गांधी ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में लिखा, “मोदी-अडाणी की दोस्ती, नोटबंदी, दोषपूर्ण GST, MSME सेक्टर का बर्बाद होना, किसानों का दमन और युवाओं को रोजगार से वंचित करना – इन सबने मिलकर देश की अर्थव्यवस्था को खत्म कर दिया है। ‘मेक इन इंडिया’ तो दूर की बात, ‘असेंबल इन इंडिया’ भी नहीं चल पाया।” उन्होंने प्रधानमंत्री पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि देश को “प्रचार नहीं, पुनरुद्धार” की जरूरत है।

अमेरिका द्वारा भारत पर 25% आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की घोषणा के बाद से विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा, “मोदी जी दुनिया भर में घूमते हैं, रिश्ते बनाते हैं, लेकिन जब बात देशहित की होती है तो हमें बदले में सिर्फ झटका मिलता है।” कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चेताया कि रूस से तेल खरीदने पर संभावित अतिरिक्त पेनल्टी भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों को 35% से 100% तक महंगा और कमजोर बना सकती है।

राजीव शुक्ला और जयराम रमेश जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। राजीव शुक्ला ने कहा, “ट्रंप की दोस्ती दिखावटी निकली। 25% टैरिफ लगाकर वह भारत को दबाव में ला रहे हैं।” वहीं जयराम रमेश बोले, “’हाउडी मोदी’ और ‘नमस्ते ट्रंप’ जैसी इवेंट्स से हमें कुछ नहीं मिला, सिर्फ दोस्ती के भ्रम में रहे और अब अमेरिका तीसरी बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।”

हालांकि, जदयू सांसद संजय कुमार झा ने इस पर संयमित प्रतिक्रिया दी और कहा, “सरकार वही करेगी जो देश के हित में होगा। कृषि और एमएसएमई क्षेत्र की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। बातचीत जारी है और पीएम मोदी समाधान निकालने में सक्षम हैं।”

अब यह मुद्दा सिर्फ आर्थिक नीतियों का नहीं बल्कि देश की वैश्विक छवि और रणनीतिक संबंधों का प्रश्न बन गया है। विपक्ष जहां इसे मोदी सरकार की विफल विदेश नीति बता रहा है, वहीं सरकार के सहयोगी अब भी आश्वस्त हैं कि इस संकट का हल निकलेगा। लेकिन ट्रंप के बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है – क्या भारत की अर्थव्यवस्था वाकई संकट में है, या यह सिर्फ चुनावी रणनीति का हिस्सा है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें