नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में किसानों और रेलवे क्षेत्र को लेकर 6 बड़े फैसले लिए गए। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि इन फैसलों में दो कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से संबंधित हैं, जबकि चार निर्णय पूर्वोत्तर और अन्य राज्यों में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से लिए गए हैं। सरकार का दावा है कि इन कदमों से किसानों की आय बढ़ेगी और रेल यातायात की सुविधा और क्षमता में भी बड़ा सुधार होगा।
किसानों के हित में सबसे अहम फैसला प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना को लेकर लिया गया, जिसका बजट बढ़ाकर 6,520 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे देश भर में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को उपज के अच्छे दाम मिल सकेंगे। साथ ही, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) को मजबूत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। यह राशि देश की सहकारी समितियों को आर्थिक सहायता और सुदृढ़ता प्रदान करने के लिए दी जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलेगा।
रेलवे क्षेत्र में चार बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी गई है, जिन पर कुल 11,168 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें सबसे बड़ा प्रोजेक्ट इटारसी से नागपुर के बीच चौथी रेलवे लाइन का है, जिस पर 5,451 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके अलावा, अलुआबाड़ी रोड से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाने के लिए 1,786 करोड़ रुपये, छत्रपति संभाजीनगर से परभणी रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए 2,179 करोड़ रुपये, और डांगोअपोसी से जारोली के बीच नई रेल लाइनों के लिए 1,752 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
इन फैसलों से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार एक साथ दो बड़े क्षेत्रों – कृषि और आधारभूत ढांचा – को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। किसानों को प्रोसेसिंग और वितरण के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं रेलवे प्रोजेक्ट्स से लॉजिस्टिक नेटवर्क, रोजगार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में भी बड़ा सुधार होगा। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का लाभ सीधे तौर पर गांवों, किसानों और आम यात्रियों तक पहुंचेगा।












