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भारत की पहली डिपॉजिटरी का IPO आज से खुला, निवेशकों में जबरदस्त उत्साह, ग्रे मार्केट में 126 रुपये का प्रीमियम

बाजार में हलचल तेज है, निवेशकों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं और ग्रे मार्केट में उछाल—क्योंकि आज से भारत की पहली और सबसे बड़ी डिपॉजिटरी नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) का IPO खुल गया है। यह कोई साधारण इश्यू नहीं, बल्कि पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी इस बार कंपनी नहीं, उसके मौजूदा शेयरहोल्डर कमाई करेंगे। पर इस सबके बीच सबसे बड़ा सवाल—क्या NSDL निवेशकों के भरोसे पर खरी उतरेगी? या यह भी बाकी OFS की तरह सिर्फ शेयरधारकों की जेब भरने की कवायद है?

इस IPO में कुल 5.01 करोड़ इक्विटी शेयरों का ऑफर है, जो NSE, SBI, HDFC बैंक, IDBI बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसे संस्थानों द्वारा बेचे जा रहे हैं। एक लॉट में 18 शेयर हैं, जिसके लिए न्यूनतम निवेश ₹14,400 है। NSDL की BSE में लिस्टिंग 6 अगस्त को संभावित है। प्राइस बैंड तय हुआ है ₹760 से ₹800 प्रति शेयर के बीच, और निवेशक 1 अगस्त तक इसमें बोली लगा सकते हैं। लेकिन सबसे खास बात—NSDL का यह IPO निवेशकों के बीच पहले से ही चर्चा में है।

आईपीओ के खुलने से पहले ही NSDL के शेयर गैर-सूचीबद्ध बाजार (Grey Market) में जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं। GMP (Grey Market Premium) फिलहाल ₹126 चल रहा है, जिसका मतलब है कि लिस्टिंग के दिन शेयर की कीमत ₹926 तक पहुंच सकती है—जो इश्यू प्राइस से करीब 15.75% अधिक है। निवेशकों के बीच यह उत्साह बताता है कि NSDL का IPO एक हाई-डिमांड ऑफर बनकर उभरा है। लेकिन याद रखें, हर रफ्तारमंद शेयर स्थायी नहीं होता—समझदारी से कदम उठाना ही बुद्धिमत्ता है।

NSDL की स्थापना 1996 में हुई थी और यह देश की पहली डिपॉजिटरी है, जो डीमैट अकाउंट सेवाएं देती है। कंपनी इक्विटी, डेट, म्यूचुअल फंड्स, REITs, InvITs और AIFs जैसे एसेट्स के लिए सेवाएं प्रदान करती है। इसके 3 करोड़ से अधिक डीमैट अकाउंट्स हैं जो भारत के 99% पिन कोड और 186 देशों में फैले हुए हैं। NSDL ने फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट्स को डिजिटल में बदलकर भारतीय शेयर बाजार को एक नई दिशा दी है। इस IPO के ज़रिए आम निवेशक इस क्रांतिकारी संस्था का हिस्सा बन सकते हैं।

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