साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड के बेलडांगा कमालपुर गांव में खेत की खुदाई के दौरान माँ चामुंडा की एक प्राचीन मूर्ति मिलने से पूरे क्षेत्र में आस्था और रोमांच का माहौल बन गया। मजदूर नयन रजवाड़ की कुदाल जब एक पत्थर से टकराई, तब गांववालों ने मिलकर मिट्टी हटाई और माँ चामुंडा की उग्र मुद्रा वाली दुर्लभ मूर्ति प्रकट हुई। देखते ही देखते पूजा शुरू हो गई और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीण इसे देवी का चमत्कारी प्रकट रूप मान रहे हैं।
शनिवार को साहिबगंज के डीसी हेमंत सती स्वयं स्थल पर पहुंचे और ASI को सूचना देने के साथ बताया कि यह प्रतिमा संभवतः 10वीं शताब्दी की, पाल वंश काल की हो सकती है। उन्होंने इसे धार्मिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए इसके वैज्ञानिक संरक्षण की बात कही। बुद्धिजीवियों ने माँ चामुंडा की इस खोज को साहिबगंज की ऐतिहासिक पहचान से जोड़ा और जिले में एक संग्रहालय की मांग की। फिलहाल पूजा स्थल पर सुरक्षा कड़ी है और आस्था का वातावरण पूरे गांव में गूंज रहा है।













