क्या कोई कंपनी 9 गुना मुनाफा कमा सकती है और फिर भी उसके शेयर गिर सकते हैं? क्या यह किसी छुपी हुई चाल का संकेत है या बाजार की गहराई से जुड़ी कहानी? जी हां, हम बात कर रहे हैं Steel Authority of India Limited (SAIL) की, जिसने 2025-26 की पहली तिमाही में कमाल का मुनाफा दर्ज किया — पूरे 744 करोड़ रुपए का! लेकिन जैसे ही नतीजे घोषित हुए, कंपनी के शेयर चार प्रतिशत तक फिसल गए। सवाल ये है कि कमाई का यह जश्न, बाजार को नापसंद क्यों आया?
SAIL, जो एक ‘महारत्न’ सार्वजनिक उपक्रम है, ने इस बार के अप्रैल-जून 2025 के नतीजों से सबको चौंका दिया है। कंपनी का मुनाफा पिछले साल की पहली तिमाही में 81.78 करोड़ था, जो इस बार सीधे 744.5 करोड़ तक पहुंच गया — यानी करीब नौ गुना उछाल। इतना ही नहीं, कंपनी का राजस्व भी बढ़कर 26,083.90 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल 24,174.80 करोड़ था। लेकिन यहां कहानी खत्म नहीं होती — इस कमाई के बीच एक और पहलू है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कंपनी का खर्च भी 23,871.60 करोड़ से बढ़कर 25,189.19 करोड़ हो गया है। यानी, लाभ कमाने की रफ्तार तेज़ हुई, पर खर्च का बोझ भी बढ़ा।
SAIL के प्रबंध निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने इन नतीजों को लेकर कहा कि कंपनी की यह सफलता बेहतर संचालन दक्षता, घरेलू बिक्री में वृद्धि, और मजबूत नकदी प्रवाह का नतीजा है। उनका मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत में इस्पात की खपत बढ़ी है, और सरकार द्वारा मिले सुरक्षा शुल्क समर्थन ने भी कंपनी को मजबूती दी है। लेकिन इसके बावजूद, जैसे ही नतीजे आए, कंपनी के शेयर BSE पर 130.65 रुपये पर बंद हुए — यानी करीब चार प्रतिशत की गिरावट। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले साल अगस्त में SAIL का शेयर 156.30 के उच्चतम स्तर पर था, लेकिन फरवरी 2025 तक यह गिरकर 99.20 तक पहुंच गया था — जो एक साल का सबसे निचला स्तर है। सवाल उठता है — क्या यह मुनाफा सतही है? या बाजार कुछ और देख रहा है जो आम लोगों से छिपा है?












