गिरिडीह, 15 जुलाई 2025 — गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव ने मंगलवार को सदर अस्पताल का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर डॉक्टरों और अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की। बैठक में सिविल सर्जन शेख मोहम्मद जेफुल्ला भी मौजूद थे। निरीक्षण के बाद डीसी ने मातृत्व शिशु स्वास्थ्य केंद्र में महिला डॉक्टरों की कमी को गंभीर बताते हुए कहा कि डॉक्टरों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहना अनिवार्य है, और लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीसी ने खास तौर पर उन महिलाओं पर नजर रखने की बात कही जो “साहिया” के रूप में अस्पताल में बिचौलियों की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि बिचौलियों की गतिविधियां पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे सिविल सर्जन कार्यालय में ही क्यों न हों। वहीं, सिविल सर्जन शेख मोहम्मद जेफुल्ला ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है। जहां 33 डॉक्टरों की आवश्यकता है, वहां सिर्फ 13 ही कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि डीसी ने सभी निर्देश स्पष्ट कर दिए हैं और बिचौलियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। निरीक्षण के दौरान डीसी और सिविल सर्जन ने मौजूद डॉक्टरों से चर्चा की और उन्हें सेवा में सुधार लाने के लिए कई अहम निर्देश भी दिए।













