गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत हरिहरपुर गांव में मंगलवार को सीओ ने न्यायालय के आदेश पर अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। अर्जुन साव द्वारा उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर कार्रवाई करते हुए पुलिस बल की मौजूदगी में रास्ता मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि शक्ति राणा, अशोक राणा और रामकिशन विश्वकर्मा जैसे लोगों के पक्के मकान सर्वे रास्ते पर बने होने के बावजूद उन्हें नहीं हटाया गया, जबकि हीरामन साव, लॉटरी साव, सुगी साव, तेजो साव और सरकारी स्कूल की वैध रैयती जमीन पर जबरन रास्ता निकाल दिया गया। ग्रामीणों ने सीओ पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस जमीन पर बुलडोजर चला, वह चिन्हित रास्ता नहीं था।

सूत्रों के अनुसार, कई ग्रामीण ऐसे हैं जिन्होंने अनजाने में पक्का मकान बना लिया है और अब वे बेघर हो सकते हैं। वहीं, कुछ लोग सामने की रैयती जमीन रास्ते के लिए लिखित रूप से देने को भी तैयार हैं, लेकिन प्रशासन ने विकल्प नहीं अपनाया। मौके पर अर्जुन साव, गोविंद साव, अकल साव, भोला साव, बबलू साव सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।













