गिरिडीह के भोगनाडीह में हूल दिवस कार्यक्रम से पहले माहौल तनावपूर्ण हो गया। सिदो-कान्हू मुर्मू हूल फाउंडेशन के समर्थकों ने पूजा से पहले कार्यक्रम पंडाल लगाने पर नाराज़गी जताई और विरोध करने लगे। देखते ही देखते हालात बिगड़ गए, और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। घटना ने सामाजिक और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस घटना को प्रशासन की हठधर्मिता बताया है। उन्होंने गिरिडीह में पत्रकारों से कहा कि पूजा पहले गांव और परिवार के लोगों द्वारा होती है, लेकिन प्रशासन ने उनकी बात नहीं मानी। यही टकराव की जड़ बनी। मरांडी ने प्रशासन को सलाह दी कि सिदो-कान्हू की प्रतिमा के 2-3 किलोमीटर दायरे में न कोई सरकारी न राजनीतिक कार्यक्रम होना चाहिए, जिससे हर साल होने वाला विवाद रोका जा सके।












