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कनिष्क बम विस्फोट एक दुर्घटना नहीं थी : हरदीप सिंह पुरी

कनिष्क बम विस्फोट एक दुर्घटना नहीं थी : हरदीप सिंह पुरी चंडीगढ़, 26 जून (आईएएनएस)। एयर इंडिया फ्लाइट 182 (कनिष्क) बम विस्फोट के 40 साल पूरे होने पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने इस हादसे को कनाडा की धरती पर सुनियोजित बम विस्फोट करार दिया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को चंडीगढ़ में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त इसे एक दुर्घटना करार दिया गया था। लेकिन, यह दुर्घटना नहीं थी। बल्कि, कनाडा की धरती पर सुनियोजित बम विस्फोट था। चालीस साल पहले क्या हुआ था। हर कोई जानता है। 1985 में, जब वह भयानक, भयावह घटना घटी थी तब 329 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। उस समय, कई लोगों ने इसे दुर्घटना कहने की कोशिश की थी। लेकिन, वह दुर्घटना कैसे हो सकती है। कनाडा की धरती पर बम लगाया गया था। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया है कि लोगों ने भी मान लिया है कि वह बम विस्फोट था। आतंकवाद पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “भारत के प्रतिनिधि जहां भी जाते हैं, आतंकवाद पर हमारा रुख बिल्कुल साफ होता है। मैंने खुद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद निरोधक समिति की अध्यक्षता की है। हमने शुरू से ही आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति की वकालत की है।” उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 50 साल पहले 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल निस्संदेह भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दौर था। उस दौरान हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार किया गया। हमारे संविधान की पूरी तरह से अवहेलना की गई, नागरिक स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया, लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट किया गया, न्यायपालिका को कमजोर किया गया, मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाया गया, फिल्मों पर प्रतिबंध लगाया गया और कलाकारों को परेशान किया गया। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ”एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जो आपातकाल की भयावहता को दर्शाती है, जो भारत के लोकतंत्र के इतिहास पर सबसे काला धब्बा है, जिसने संविधान में निहित मूल्यों को कुचल दिया और एक समृद्ध लोकतंत्र के लिए पवित्र मानी जाने वाली हर चीज को गंभीर झटका दिया।” –आईएएनएस डीकेएम/एबीएम

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