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मई में भारतीय इक्विटी मार्केट ने वैश्विक बाजारों से बेहतर प्रदर्शन किया : रिपोर्ट

मजबूत अर्थव्यवस्था और सभी क्षेत्रों में बड़े स्तरों पर खरीदारी के कारण मई में भारतीय शेयर बाजारों में तेजी देखी गई।

पीएल एसेट मैनेजमेंट की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय इक्विटी बाजार ने कई वैश्विक प्रतिस्पर्धियों से खासकर मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में बेहतर प्रदर्शन किया है, जो ठोस मैक्रो फंडामेंटल और निवेशकों की बेहतर होती धारणा के कारण संभव हुआ।

पीएल एसेट मैनेजमेंट में क्वांट इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजीज के प्रमुख सिद्धार्थ वोरा ने कहा कि भारत की मजबूत आर्थिक आधार और बेहतर वैश्विक धारणा, निवेशकों के लिए सकारात्मक माहौल पेश करती हैं।

मई में निफ्टी 1.7 प्रतिशत बढ़कर 24,800 अंक के करीब बंद हुआ और निफ्टी मिडकैप 150 में 6.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप 250 में 9.5 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि हुई।

इस मजबूत प्रदर्शन को डिफेंस, मेटल और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों जैसे चक्रीय क्षेत्रों के साथ-साथ खुदरा निवेशकों की भागीदारी में वृद्धि का समर्थन प्राप्त हुआ।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के मैक्रो संकेतक स्वस्थ बने हुए हैं, जिसमें स्थिर कर संग्रह, मुद्रास्फीति में कमी, मजबूत पीएमआई डेटा और बढ़ते विदेशी मुद्रा भंडार शामिल हैं। इन कारकों ने घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों के बीच विश्वास बनाने में मदद की।

मई में निफ्टी 500 में 3.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि निफ्टी 500 इक्वल वेट इंडेक्स में 8.5 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है।

इस तेजी के साथ बाजार के मूल्यांकन में वृद्धि हुई है। निफ्टी का पीई अनुपात 22.3 गुना तक बढ़ गया, जबकि पीबी अनुपात 3.6 गुना रहा।

हालांकि, मिड और स्मॉल-कैप वैल्यूएशन अपने पांच साल के औसत से ऊपर बने हुए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, सेक्टोरल रोटेशन और बेहतर होते सेंटीमेंट के कारण हाई-बीटा और मोमेंटम स्ट्रैटेजी में क्रमशः 8 प्रतिशत और 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अच्छी आय और सुरक्षित निवेश अपील के कारण गुणवत्ता वाले शेयरों में भी मजबूत रुचि देखी गई।

–आईएएनएस

एबीएस/

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