गिरिडीह के डुमरी में पंचायत सचिव सुखलाल महतो की मौत के बाद गम और गुस्से का माहौल तब और गर्म हो गया जब परिजन और ग्रामीण जेएलकेएम के बैनर तले शव के साथ धरने पर बैठ गए। आरोप था कि महतो को डुमरी बीडीओ समेत तीन अधिकारियों की प्रताड़ना ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया।

धरने पर पहुंचे विधायक जयराम महतो की मध्यस्थता और जिला प्रशासन से वार्ता के बाद परिजनों की मांगें मानी गईं—जिसमें एफआईआर, बेटे को नौकरी, और 15 दिन में पेंशन व अन्य लाभ शामिल हैं। इसके बाद धरना समाप्त हुआ और मृतक का अंतिम संस्कार कुलगो नदी घाट पर किया गया।













