
गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत खरखरी पंचायत के करमाटांड़ चौक पर शुक्रवार की दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ट्रैक्टर और बोलेरो की आपसी टक्कर से बचने के प्रयास में ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे पेड़ के नीचे बैठी तीन महिलाओं को कुचल दिया। हादसा इतना भयानक था कि एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को बिरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर किया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संगीता देवी (38 वर्ष), भिखनी देवी (56 वर्ष) और साबित देवी (40 वर्ष) किसी डीलर से राशन लेने के बाद वापस लौट रही थीं। चिलचिलाती धूप के कारण तीनों महिला करमाटांड़ चौक पर सड़क किनारे पेड़ की छांव में बैठकर आराम कर रही थीं। तभी भरकट्टा की ओर से तेज गति से एक बोलेरो आ रही थी, और दूसरी ओर से ट्रैक्टर। बोलेरो को बचाने के चक्कर में ट्रैक्टर ड्राइवर ने अचानक दाएं मोड़ लिया, जिससे ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और तीनों महिलाओं को रौंदते हुए एक बाउंड्री में जा घुसा।

हादसे में संगीता देवी, पति सुनील पंडित की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं भिखनी देवी, पति दशरथ पंडित को इलाज के लिए धनबाद ले जाया गया, जहां उनकी भी मृत्यु हो गई। तीसरी महिला साबित देवी, पति अवधेश राय की हालत भी नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज अभी जारी है। तीनों महिलाएं खरखरी गांव की निवासी बताई जा रही हैं। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया है और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रैक्टर और बोलेरो चालकों की लापरवाही की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही, गांव के व्यस्त चौक पर ट्रैफिक कंट्रोल के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक लापरवाह ड्राइविंग की कीमत आम लोगों की जान से चुकानी पड़ेगी?












