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वृंदावन कॉरिडोर पर विवाद : गोस्वामी समाज का विरोध, हेमा मालिनी ने बताया समय की जरूरत

वृंदावन का प्रस्तावित बांके बिहारी कॉरिडोर इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। एक ओर गोस्वामी समाज इस परियोजना का विरोध कर रहा है, तो दूसरी ओर मथुरा की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने इसे समय की मांग करार दिया है।

गोस्वामी समाज का कहना है कि कॉरिडोर निर्माण से उनके अधिकारों का हनन होगा, जबकि हेमा मालिनी ने इसे श्रद्धालुओं की सुविधा और क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक बताया है।

आईएएनएस से विशेष बातचीत में हेमा मालिनी ने कहा कि वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। बढ़ती भीड़ के कारण मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

उन्होंने कहा कि वृंदावन बांके बिहारी के दर्शन करने के लिए काफी संख्या में भक्त आते हैं। ऐसे में कॉरिडोर वृंदावन की आवश्यकता है। अगर यह कॉरिडोर अभी नहीं बना तो फिर कभी नहीं बनेगा। गोस्वामी समाज के लोगों को भी सोचना चाहिए। कॉरिडोर बनाने में जो भी दुकान मकान आएंगे उन्हें सरकार मुआवजा देगी, जो लोग किरायेदार हैं, उन्हें भी उचित मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही दुकान के बदले दुकान भी दी जाएगी। कई लोगों के मन में इस बात का संदेह है कि मुआवजा मिलेगा या नहीं मिलेगा। हमारी सरकार पहले भी कह चुकी है कि मुआवजा दिया जाएगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि कॉरिडोर न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय विकास को भी नई गति देगा।

उन्होंने आगे कहा कि यहां दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में कॉरिडोर का निर्माण होना जरूरी है। बड़ी संख्या में लोग बांके बिहारी के दर्शन के लिए आ रहे है, ये हर्ष की बात है लेकिन मेरा मानना है कि इसके लिए तमाम व्यवस्थाएं सुचारू तौर पर होनी चाहिए। तमाम श्रद्धालुओं वापस चले जाते हैं, उन्हें मंदिर जाने का अवसर नहीं मिलता है। ऐसे में बांके बिहारी कॉरिडोर समय की जरूरत है। हम लोगों से अपील करेंगे कि वो इस मुहिम में हम लोगों का साथ दें, कॉरिडोर बनने से पर्यटन के साथ विकास को नई रफ्तार मिलेगी। गोस्वामी समाज से मैं विशेष तौर पर अपील करूंगी कि वो कॉरिडोर बनने में अपना सहयोग करें। अगर कहीं कोई दिक्कत होती है तो हम सब उसे दूर करने की कोशिश करेंगे। मेरा मानना है कि अगर कॉरिडोर अभी नहीं बना तो कभी नहीं बनेगा।

–आईएएनएस

एकेएस/जीकेटी

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