नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 स्थित सिरसिया आनंदपुरी में इन दिनों हर दिन 10 हज़ार लीटर से अधिक पानी बर्बाद हो रहा है। यह स्थिति तब और अधिक गंभीर हो जाती है जब शहर के कई अन्य इलाकों में लोग भीषण गर्मी के चलते बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जहां एक ओर पानी की किल्लत के चलते लोग संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आनंदपुरी जैसे इलाकों में पानी व्यर्थ बह रहा है। यह न सिर्फ जल संकट को और बढ़ा रहा है, बल्कि नगर निगम की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले लगभग 15 दिनों से इलाके में पानी की यह बर्बादी लगातार हो रही है, लेकिन नगर निगम की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने कई बार शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन न तो कोई अधिकारी आया और न ही कोई सुधारात्मक कदम उठाया गया। इस लापरवाही ने स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता को उजागर कर दिया है, जिससे जनता में भारी नाराज़गी है।
पानी की बर्बादी का मुख्य कारण पाइपलाइन से हो रहा लगातार रिसाव बताया जा रहा है। खुले में बहते पानी की वजह से सड़कें भी गीली और फिसलन भरी हो गई हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस रिसाव को नहीं रोका गया तो जल संकट के साथ-साथ अन्य समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। साथ ही यह भी सवाल उठता है कि नगर निगम आखिर इतनी बड़ी मात्रा में होने वाली बर्बादी को क्यों अनदेखा कर रहा है?
ऐसी परिस्थिति में ज़रूरी है कि नगर निगम अपनी ज़िम्मेदारियों को समझे और तुरंत प्रभाव से इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले। पानी जैसी अनमोल संसाधन की बर्बादी न केवल सामाजिक और आर्थिक नुकसान है, बल्कि आने वाले समय में जल संकट को और अधिक गहरा कर सकती है। जनता अब प्रशासन से जवाब चाहती है — आखिर कब तक ऐसी लापरवाही चलती रहेगी












