गुमला जिले में पुलिस ने नशीली दवाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े भंडार का खुलासा किया है। यह कार्रवाई सदर थाना क्षेत्र के ग्राम अटरिया में की गई, जहां दो अलग-अलग स्थानों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित और नशीली दवाएं बरामद की गई हैं। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरा फरार है। यह सफलता गुमला पुलिस को एक गुप्त सूचना के आधार पर मिली, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।
जांच की कमान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव ने संभाली और उनके नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सबसे पहले मुबारक खान के घर छापेमारी की, जहां से 120 बोतल ओनरेक्स कफ सिरप, 864 विनस्पास्मो फोर्टे कैप्सूल और 60 नाइट्रोसन-10 टैबलेट बरामद की गईं। मुबारक इन दवाओं से जुड़े किसी भी वैध दस्तावेज को प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि दवाओं का भंडारण अवैध रूप से किया जा रहा था।
इसके बाद पुलिस टीम ने दूसरे आरोपी इम्तियाज खान के घर छापा मारा। तलाशी के दौरान पुलिस को शौचालय के ऊपर छिपा कर रखी गई 208 बोतल ओनरेक्स कफ सिरप, 1295 विनस्पास्मो फोर्टे कैप्सूल और 100 नाइट्रोसन-10 टैबलेट बरामद हुईं। हालांकि, छापेमारी के समय इम्तियाज अपने घर पर मौजूद नहीं था, जिससे वह फरार हो गया। पुलिस अब उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गिरफ्तार किए गए मुबारक खान का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है और प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि दोनों आरोपी नशीली दवाओं की खरीद-बिक्री में संलिप्त थे। वे अपने घरों को गोदाम की तरह इस्तेमाल कर रहे थे और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहे थे। इस कार्रवाई से साफ है कि पुलिस नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की छापेमारियां आगे भी जारी रहेंगी ताकि समाज को नशे के जहर से बचाया जा सके।












