Aba News

धनबाद में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़: मुंगेर के चार कारीगर समेत पांच गिरफ्तार, गांव में पसरा सन्नाटा

धनबाद के महुदा थाना क्षेत्र की सिंगड़ा बस्ती में बुधवार को एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का सनसनीखेज खुलासा हुआ। झारखंड और पश्चिम बंगाल की एटीएस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को पकड़ा, जहां मुशीर अंसारी नामक युवक अवैध रूप से हथियार बनवा रहा था। फैक्ट्री से चार कुशल कारीगरों को गिरफ्तार किया गया है, जो मुंगेर से आए थे और मौके पर हथियार बनाने में व्यस्त थे। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण, अर्धनिर्मित हथियार और उनके पार्ट्स बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस मामले की हर कड़ी को खंगालने में जुटी है।

एटीएस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल में हुए एक हथियार तस्करी केस में मुशीर के एक साथी की गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ में जब महुदा में अवैध हथियार फैक्ट्री चलने की पुष्टि हुई, तब बंगाल एटीएस ने झारखंड एटीएस से संपर्क किया और फिर स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की गई। जांच में पता चला कि मुशीर ने अपने घर के पीछे एक बड़ा हॉल बनवाया था, जहां रात के अंधेरे में हथियार तैयार किए जाते थे और उनके पार्ट्स गुप्त रूप से मंगवाए व भेजे जाते थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने देखा कि कारीगर पूरी तल्लीनता से पिस्तौल बनाने में जुटे हुए थे।

छापेमारी से पहले पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों को घरों के अंदर भेज दिया था। गांव में पुलिस की भारी तैनाती देख लोगों में दहशत फैल गई। मुशीर और उसकी पत्नी को हिरासत में लेते ही आसपास के घरों की कुंडियां खोल दी गईं। गांव में एकदम सन्नाटा पसर गया और लोग अपने-अपने घरों की छतों से यह कार्रवाई देखने लगे। मुशीर की पत्नी हिना परवीन ने पूछताछ में बताया कि वह उसकी दूसरी पत्नी है और दो महीने पहले ही यहां आई थी। उसने इस गोरखधंधे का विरोध किया था लेकिन पति की मारपीट और दबाव के कारण चुप रही। उसका दावा है कि मुशीर को इस धंधे में पश्चिम बंगाल के कुल्टी निवासी अर्श मोहम्मद ने उतारा था।

कार्रवाई के दौरान मुशीर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। फैक्ट्री से गिरफ्तार कारीगरों ने पुलिस के सामने एक घंटे में चार पिस्तौल बनाकर दिखा दिए, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई। पूछताछ में पता चला कि मुशीर खुद को पिकअप वैन चालक बताकर फल-सब्जी के व्यापार की आड़ में हथियारों की तस्करी करता था। वह बंगाल में बने हथियारों को बेचने ले जाता था और वहां से सामान भी लाता था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार बनाने का सामान कहां से आता था और इन्हें किसे बेचा जाता था। मामले में कई बड़े खुलासों की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें